Kumar Vikash
Drama
वो औरों की खुशी,
मेरे गम बन गये हैं।
हमदम थे जो,
कल तक मेरे।
वो आज,
सितमगर बन गये हैं।
बुझा कर
मेरे दिल से,
चाहत का दीया।
अब घर किसी और का,
रोशन करने गये हैं।।
इश्क की झनकार
सुगंधि स्वेद
कौन है ईमानदा...
सितमगर
इश्क में
ज़ुल्फ़ों की ...
प्रिय संग आलि...
रूहानी मोहब्ब...
नारी सशक्तिकर...
दंभ
प्रकृति , पार्वती , सीता के रूप में आदरांजलि के लिए। प्रकृति , पार्वती , सीता के रूप में आदरांजलि के लिए।
हाँ, मेरी मेहबूबा बदल गई हाँ, मेरी मेहबूबा बदल गई ! हाँ, मेरी मेहबूबा बदल गई हाँ, मेरी मेहबूबा बदल गई !
पुरुषोत्तम श्री राम भी आये गिरधारी घनश्याम भी आये पुरुषोत्तम श्री राम भी आये गिरधारी घनश्याम भी आये
हजारों बातें सुनना है इस घर की तुम बहु हो अब तुम्हें सब समझना है हजारों बातें सुनना है इस घर की तुम बहु हो अब तुम्हें सब समझना है
वादा है, हमारा हम सब से, वक्त से आगे, बढ़ कर दिखाएंगे। वादा है, हमारा हम सब से, वक्त से आगे, बढ़ कर दिखाएंगे।
उसके हिस्से की ख़ुशियाँ रौंदकर, ठहाके लगाते हैं झूम झूमकर। उसके हिस्से की ख़ुशियाँ रौंदकर, ठहाके लगाते हैं झूम झूमकर।
तेरे सवाल का बस इतना सा जवाब है, ना पहले से रहे हम तुम ना पहले जैसे अब हालात है।। तेरे सवाल का बस इतना सा जवाब है, ना पहले से रहे हम तुम ना पहले जैसे अब हालात...
विशेष बन गये हो या शेष भी नहीं रहे हो रोब है किसी पर या विरोधी बना लिये हो विशेष बन गये हो या शेष भी नहीं रहे हो रोब है किसी पर या विरोधी बना लिये हो
साथ नहीं छोड़ेगे हम, मरते दम तक साथ निभायेंगे। साथ नहीं छोड़ेगे हम, मरते दम तक साथ निभायेंगे।
कान्हा का जन्मदिन है, ओ बड़ी धूम मची ब्रज में। कान्हा का जन्मदिन है, ओ बड़ी धूम मची ब्रज में।
बढ़ते रहने का हर सफर जारी रखो... बढ़ते रहने का हर सफर जारी रखो...
सीधा सादा भोला भाला और स्वभाव से निराला रहता हूँ मैं जनम से धनबाद में। सीधा सादा भोला भाला और स्वभाव से निराला रहता हूँ मैं जनम से धनबाद में।
बहुत जल्द मेरी तुम्हारी अधूरी मोहब्बत से आखिरी मुलाक़ात होने वाली है। बहुत जल्द मेरी तुम्हारी अधूरी मोहब्बत से आखिरी मुलाक़ात होने वाली है।
धन, अनाज धातु उगाने का हुनर मुझे याद अब भी है। धन, अनाज धातु उगाने का हुनर मुझे याद अब भी है।
क्यों रिश्तों को समझने सहेजने के बजाय अपना वर्चस्व चाहती है क्यों रिश्तों को समझने सहेजने के बजाय अपना वर्चस्व चाहती है
बिन ब्याही औरत किसी मर्द के साथ रहे तो वह 'रखैल' हुयी.. बिन ब्याही औरत किसी मर्द के साथ रहे तो वह 'रखैल' हुयी..
शाम की चाय साथ पीने वाला काश कोई साथी होता, उम्र के इस पड़ाव में काश कोई हमदम होता। शाम की चाय साथ पीने वाला काश कोई साथी होता, उम्र के इस पड़ाव में काश कोई हमद...
जिसे दिल से चाहोगे उसे खो मत देना, क्योंकि, फिर नाराज तुम मुझसे नहीं खुद से हो जाओगे जिसे दिल से चाहोगे उसे खो मत देना, क्योंकि, फिर नाराज तुम मुझसे नहीं खुद से ह...
अब जब मैं जब गीले बाल से ही रसोई में घुसती हूँ तुम सी ही लगने लगती हूँ माँ... अब जब मैं जब गीले बाल से ही रसोई में घुसती हूँ तुम सी ही लगने लगती हूँ माँ...
मुझे माफ करना जो तुमको रुलाया कभी भूले से तेरा दिल जो दुखाया मुझे माफ करना जो तुमको रुलाया कभी भूले से तेरा दिल जो दुखाया