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Savita Gupta

Romance

4  

Savita Gupta

Romance

सिंदूर

सिंदूर

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अविस्मरणीय क्षण

अग्नि की साक्षी बन

शुभ लग्न का गठबंधन

परिणय सूत्र का  मिलन।


पवित्र लगन कुछ अपना सा।

अनमोल ,अमूल्य प्यारा सा।

स्नेह संबंध गठजोड़ रेशम सा।

उगते सूरज की लालिमा सा।


मध्य माथे चमके टेसू  सा।

नायाब रत्न चमकीला सा।

चुटकी भर कीमती उपहार,

रंग दमकता अनूठा सा।


रंग सिंदूरी लाए चेहरे पर निखार।

दुल्हन का बेशकीमती उपहार।

रूप निखारे दमकता मुखड़ा,

सजती नार कर सोलह शृंगार।


जीवन में ख़ुशियों की हरियाली।

अजर अमर रहे सिंदूर की लाली।

है सुहागिन का बस यह अरमान 

भरी माँग सिंदूर की यही पहचान।


        


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