STORYMIRROR

Ahmak Ladki

Romance Tragedy

4  

Ahmak Ladki

Romance Tragedy

सिगरेट

सिगरेट

1 min
465

तुम्हारी उंगुलियों के

बीच दबी सिगरेट

इसे जलाते हो तुम,


जल जाती हूँ मैं

कश लगाते हो तुम

कशमकश में

पड़ जाती हूँ मैं


फूंकते हो तुम,

सुलग जाती हूँ मैं

सुनो, इसे बुझा दो

बुझना चाहती हूं मैं।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Romance