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सुरेंद्र सैनी बवानीवाल "उड़ता "

Romance

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सुरेंद्र सैनी बवानीवाल "उड़ता "

Romance

जब तुम

जब तुम

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नज़र मिल जाए तो सलाम हो 

नज़र झुक जाए तो जवाब हो 

जब भी दिखे तू नज़र भर के, 

तेरे चेहरे पर कायनाती शबाब हो 


तुमसे दूर रहके मिलने की आस हो

मेरे लबों पर सदा तेरी प्यास हो 

यादों का पुलिंदा पल -पल बुन रहा, 

मखमली तकिये का सा एहसास हो 


मुझे कोई स्वप्न आ जाए, 

मन तेरा जब भी उदास हो 

तुम भी समझो इश्क़ को मेरे, 

मेरा हर लम्हा तेरे पास हो 

तेरे संग ज़िन्दगी बीते "उड़ता ", 

जब तक मेरी आखिरी साँस हो।


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