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Amit Kumar

Romance

4  

Amit Kumar

Romance

तुम मुस्कुरा दो

तुम मुस्कुरा दो

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एक बार फिर 

तुम मुस्कुरा दो

मुझे याद करो

और सभी ग़म

अपने भुला दो


या उस पल को

याद करो जिसमें

तुम्हे मिले ख़ुशी

तुम्हें खुदा की


कसम है कसम की

कसम है एक बार

मुस्कुरा दो और

बार बार मुस्कुरा दो

तुम्हारे मुस्कुराते ही


बहारें भी खिली खिली

रहती है ये जो बन्द

कलियाँ सी दिखती है

इनमे तुम्हारी उदासी सी

चन्द खुशियाँ उदास रहती है


इन उदासियों की कसम है

तुम एक बार मुस्कुरा दो

तुम्हें हर कसम की कसम है

अब बार बार मुस्कुरा दो।


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