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Vivek Madhukar

Romance

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Vivek Madhukar

Romance

मुराद

मुराद

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एक मुराद अगर पूरी हो सकती मेरी,

काश एक ख्वाहिश मेरी,

मेरी वो तमन्ना होती तुम,

चुनने की स्वतंत्रता होती अगर।


बाहुपाश में तेरे रहता जकड़ा

मैं अनंत काल तक,

ह्रदय हमारे हो जाते एकाकार,

और प्रेम हमारा बन जाता एक सफल प्रयास

साथ रहने हेतु सदा के लिए।

बन जाती तुम मेरे दिल के ताले की चाभी,

खुलता जो हसीं इशारे से तेरे

हमेशा, मेरी परी, मेरी जान।

तेरे मदहोश करते चुम्बनों में,

हर उद्वेलन को शांत करते तेरे आलिंगन में,

खो जाता मैं सदा के लिए, और

सो जाता हो निश्चिंत तेरी गोद में।


एक मुराद अगर पूरी हो सकती मेरी,

लक्ष्य इतना ही तो था.

कह ना सका कभी, आज

कह लेता हूँ तुमसे.

पूरी हो गयी है यह मनोकामना मेरी

तुमसे मिलकर, पाकर तुमको।


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