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Poonam Kaparwan

Abstract Inspirational Others

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Poonam Kaparwan

Abstract Inspirational Others

श्रृंगार

श्रृंगार

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करत श्रृंगार हे ननंदलाला ज्यादा

मनभावन लागत हो

छवि मनमोहक मोरे कृषणा

बलिहारी भयऊँ जाऊँ

नवनील छवि पहन पीताम्बर मसतक मोर मुकुट है

अखियन बंदकर मीरा मैं बन जाऊँगी

बलिहारी मैं जाऊँगी


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