Poonam Kaparwan
Abstract Inspirational Others
करत श्रृंगार हे ननंदलाला ज्यादा
मनभावन लागत हो
छवि मनमोहक मोरे कृषणा
बलिहारी भयऊँ जाऊँ
नवनील छवि पहन पीताम्बर मसतक मोर मुकुट है
अखियन बंदकर मीरा मैं बन जाऊँगी
बलिहारी मैं जाऊँगी
वो बंसत फिर स...
गुलाबी बहारें
विरहन प्रेयसी
बसंती बहार
प्रकृति का नव...
भँवरा
पीली सरसों
मेरा भारत
संकल्प
ये कैसी शिक्षा कभी काम न आये बेमतलब। ये कैसी शिक्षा कभी काम न आये बेमतलब।
नौकरी पाने के लिए यहा जुगाड़ चाहिए बेरोजगार हूँ साहब मुझे रोजगार चाहिए। नौकरी पाने के लिए यहा जुगाड़ चाहिए बेरोजगार हूँ साहब मुझे रोजगार चाहिए।
साथ मेरा देने को जैसे, खुदा ने उसको भेजा था। साथ मेरा देने को जैसे, खुदा ने उसको भेजा था।
और अंत में यही निष्कर्ष निकाला .... कि व्यवसाय बढ़िया वही जो दिल से कर डाला। और अंत में यही निष्कर्ष निकाला .... कि व्यवसाय बढ़िया वही जो दिल से कर डाला।
गरजते बादलों ने छेड़ी मानो ढोल नगाड़े और शहनाई, गरजते बादलों ने छेड़ी मानो ढोल नगाड़े और शहनाई,
सच यादें आबाद भी करती हैं बर्बाद भी करती है, सच यादें आबाद भी करती हैं बर्बाद भी करती है,
बेजान पत्थरों से बोलती, रूठती उन्हीं के कंधों पर रो देती थी बेजान पत्थरों से बोलती, रूठती उन्हीं के कंधों पर रो देती थी
ले अंगड़ाई,दीपशिखा सा, धंस गया सरिता के अंदर.. ले अंगड़ाई,दीपशिखा सा, धंस गया सरिता के अंदर..
वो लम्हा जी रही हूं मैं यादों के इस महफिल में कहीं खोई हूँ मैं। वो लम्हा जी रही हूं मैं यादों के इस महफिल में कहीं खोई हूँ मैं।
पापा के बगैर कोई घर-घर नहीं , पापा जैसा कोई नहीं l पापा के बगैर कोई घर-घर नहीं , पापा जैसा कोई नहीं l
जिंदगी को मैंने समझा जीवन की यही सच्चाई है। जिंदगी को मैंने समझा जीवन की यही सच्चाई है।
सही मार्ग अपनाकर तुम सूरज सा चमकना सीखो, सही मार्ग अपनाकर तुम सूरज सा चमकना सीखो,
ये जीवन की खुशहाली देखो , खुशियाँ आई मतवाली देखो। ये जीवन की खुशहाली देखो , खुशियाँ आई मतवाली देखो।
उन्हें क्यूँ डाँटा ये सोच बाद में पछताते है। उन्हें क्यूँ डाँटा ये सोच बाद में पछताते है।
और बहुत दिनों बाद खुद से प्रेम करने लगी हूँ। और बहुत दिनों बाद खुद से प्रेम करने लगी हूँ।
एक सी आँखों की रोशनी सबकी, एक ही मालिक जिसने हमें बनाया। एक सी आँखों की रोशनी सबकी, एक ही मालिक जिसने हमें बनाया।
चाय की महिमा है न्यारी। लगे चाय की चुस्की प्यारी।। चाय की महिमा है न्यारी। लगे चाय की चुस्की प्यारी।।
हर इंसान यही कहता है तकदीर में किसके क्या बदा है कोई नहीं जानता है. हर इंसान यही कहता है तकदीर में किसके क्या बदा है कोई नहीं जानता है.
ऐ दोस्त.... मेरे जाने पर तुम वही करना जो मैने दिल से लिखा है। ऐ दोस्त.... मेरे जाने पर तुम वही करना जो मैने दिल से लिखा है।
सभी दुखों को भूलकर फिर से मुस्कुराता ! सभी दुखों को भूलकर फिर से मुस्कुराता !