Poonam Kaparwan
Abstract Inspirational Others
करत श्रृंगार हे ननंदलाला ज्यादा
मनभावन लागत हो
छवि मनमोहक मोरे कृषणा
बलिहारी भयऊँ जाऊँ
नवनील छवि पहन पीताम्बर मसतक मोर मुकुट है
अखियन बंदकर मीरा मैं बन जाऊँगी
बलिहारी मैं जाऊँगी
वो बंसत फिर स...
गुलाबी बहारें
विरहन प्रेयसी
बसंती बहार
प्रकृति का नव...
भँवरा
पीली सरसों
मेरा भारत
संकल्प
जब मौत दिखलाएगी जिन्दगी की अन्तिम हद। जब मौत दिखलाएगी जिन्दगी की अन्तिम हद।
खुद आने की क्या जरूरत थी प्रभु। खुद आने की क्या जरूरत थी प्रभु।
बस आषाढी कार्तिकी मुर्ती आवसे संगमा । बस आषाढी कार्तिकी मुर्ती आवसे संगमा ।
समुद्र से ये यास तूफान उमड़ आया है, जिसने लगे वृक्षों को उखाड़ गिराया है। समुद्र से ये यास तूफान उमड़ आया है, जिसने लगे वृक्षों को उखाड़ गिराया है।
अब तुम्हारे विनाश की बारी है, तुम्हें मिटाने की हमने कर ली पूरी तैयारी है। अब तुम्हारे विनाश की बारी है, तुम्हें मिटाने की हमने कर ली पूरी तैयारी है।
देह को बस घसीट रहा हूं, अपने मिटने के और उनसे मिलने के इंतजार में......! देह को बस घसीट रहा हूं, अपने मिटने के और उनसे मिलने के इंतजार में.........
तभी तो छोड़ तमाम खुशियाँ स्वर्ग की, तेरे चरणों में शीश नवांते है। तभी तो छोड़ तमाम खुशियाँ स्वर्ग की, तेरे चरणों में शीश नवांते है।
जो करते अपने पापा-मम्मी से प्यार वो बनाते है, सच मे सच्चा परिवार। जो करते अपने पापा-मम्मी से प्यार वो बनाते है, सच मे सच्चा परिवार।
सबसे मिलने पर जो जीवन का आंनद आया, मन में घुसे महामारी के भय को पल में दूर भगाया, सबसे मिलने पर जो जीवन का आंनद आया, मन में घुसे महामारी के भय को पल में दूर भग...
होलिका दहन अब बंद करो कहती हैं यह होलिका नारी का सम्मान करो। होलिका दहन अब बंद करो कहती हैं यह होलिका नारी का सम्मान करो।
निभाई गई ना कभी जब मुसलसल, तो राही को अब क्यूँ दुआ दे रही है।। निभाई गई ना कभी जब मुसलसल, तो राही को अब क्यूँ दुआ दे रही है।।
पर्यावरण बचाओ … आज समय की मांग यही है, पर्यावरण बचाओ। पर्यावरण बचाओ … आज समय की मांग यही है, पर्यावरण बचाओ।
जो टूटने नहीं देता उम्मीद और हौसलों के मकाँ। जो टूटने नहीं देता उम्मीद और हौसलों के मकाँ।
जिंदगी एक सफ़र और परिवार उसका हिस्सा है, जहाँ खेलते- हँसते रोज बनता नया एक किस्सा है, जिंदगी एक सफ़र और परिवार उसका हिस्सा है, जहाँ खेलते- हँसते रोज बनता नया एक किस...
मां की यादों में खोने पर उदास मन के रोने पर रानी परी हाथ थामती है। मां की यादों में खोने पर उदास मन के रोने पर रानी परी हाथ थामती है।
सबसे मिलने पर जो जीवन का आंनद आया, मन में घुसे महामारी के भय को पल में दूर भगाया। सबसे मिलने पर जो जीवन का आंनद आया, मन में घुसे महामारी के भय को पल में दूर भग...
स्नेह धर्म का मर्म समझ कर जीवन को अपने सफल बना ले।। स्नेह धर्म का मर्म समझ कर जीवन को अपने सफल बना ले।।
मैं रूठा, तुम भी रूठ गई फिर मनाएगा कौन ? मैं रूठा, तुम भी रूठ गई फिर मनाएगा कौन ?
मेरा अपना बुरा है तो नज़र औरों की कहती है मेरी नज़रों में उल्फ़त की चमक बिजली सी रहती है। मेरा अपना बुरा है तो नज़र औरों की कहती है मेरी नज़रों में उल्फ़त की चमक बिजली सी...
हर हाल में सुखी रहें किसान, मिले उसे पूरा सम्मान। हर हाल में सुखी रहें किसान, मिले उसे पूरा सम्मान।