STORYMIRROR

MAHENDRA SINGH KATARIYA

Action

4  

MAHENDRA SINGH KATARIYA

Action

शिक्षा~संस्कार

शिक्षा~संस्कार

1 min
358


शिक्षा सहित संस्कार विहीन, 

होता जीवन अधूरा।

हो समावेश अस्तित्व में तो,

होता हरेक स्वप्न पूरा।


कर प्रेरित नित्य जीवन में,

सभ्य और शिक्षित बनाती। 

सकारात्मक विचारों से जो,

राष्ट्र भविष्य आगे बढ़ाती।


पादप को पोषक तत्व होता,

प्रगति में जिस भॉंति जरूरी।

जीवंतता में विद्यार्जन खातिर,

भूलें भी करें ना कतई मगरूरी।


संस्कार दया क्षमा समर्पणता की,

उन्नति में होता उन्नत सहायक।

मानसिक सामाजिक जरूरतों संग,

जैविकीय पूर्ति का जो होता वाहक।



Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Action