STORYMIRROR

Kamini sajal Soni

Drama

3  

Kamini sajal Soni

Drama

शीर्षक - नव संवत्सर

शीर्षक - नव संवत्सर

1 min
281

गली गली में गूंजा शोर

होली आई होली आई।

उमंग तरंग से भरे किशोर

होली आई होली आई।


गुझिया पूरी से महका आंगन

ठंडाई और भांग का भी है जोर।

गली गली में गूंजा शोर

होली आई होली आई।


मस्ती में डूबा हर इंसान

ताल मृदंग और बाजे ढोल।

गली गली में गूंजा शोर

होली आई होली आई।


भक्ति की शक्ति का है प्रतीक

अच्छाई की जीत बुराई की हार।

नव संवत्सर का है स्वागत

खिल उठे रंग चहूं ओर।


गली-गली में गूंजा शोर

होली आई होली आई।


Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Drama