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Kamini sajal Soni

Romance


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Kamini sajal Soni

Romance


मैं और तुम

मैं और तुम

1 min 223 1 min 223

सपनों की नगरी में

माथे पर शिकन कैसी है

मैं और तुम जब राहे वफा के साथी हैं

फिर जीवन में यह थकन कैसी है।


शिकवा ना करना कभी

 हाथों की लकीरों से

"मै और तुम" मिलजुलकर

 खुशियों का एक नया

आशियाना बनाएंगे।


सफर किया शुरू जिंदगी का

टेढ़ी-मेढ़ी पगडंडियों पर

अगर कभी गुम होने लगी राहें

मैं और तुम मिलजुल कर

एक नया रास्ता बनाएंगे।




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