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Kamini sajal Soni

Others

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Kamini sajal Soni

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आँसू

आँसू

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मन की गहराइयों में,

भावना जब आहत हुई

हृदय की वेदना ने तब 

आंसूओं का रूप लिया 


खुशी में भी छलक जाते

दु:ख में सावन के बदरा बन जाते

जब जब याद आती पीहर की

झूम झूम कर बरस जाते आँसू


चकमक करती दुनिया की दीवाली

आज फिर आंखों में आँसू लिए

सोया है कोई पेट खाली



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