शैलपुत्री
शैलपुत्री
रूप सुहाना मात का, कर दे यूं बेड़ा पार,
ले शरण एक बार, देरी नहीं कीजिये।
शिव पति जब पाया, जग में कष्ट उठाया,
शैलपुत्री कहाती है, दर्शन तो कीजिये।
पापों का वो नाश करे, दर्शन से नहीं डरे,
मोहक रूप मात का, मन को जगाइये।
घर भर देती खुशी, सुंदर छवि मां होती,
मां के दर्शन कर लो, दूर नहीं जाइये।।
