STORYMIRROR

Ramanpreet -

Tragedy

3  

Ramanpreet -

Tragedy

सच की गहराई

सच की गहराई

1 min
407

हमें अंदाज़ा नहीं था

हमारे अपने इस कदर बेगाने हो जायेंगे 

की रिश्तों के मायने ही बदल जायेंगे 


हमें अंदाज़ा नहीं था

वो इस कदर हमारा दिल दुखाएंगे

की हमारी मोहब्बत को शर्मसार कर जायेंगे


हमें अंदाज़ा नहीं था

सच की इस गहराई का हमें अंदाज़ा नहीं था।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Tragedy