STORYMIRROR

Ramanpreet -

Abstract

4  

Ramanpreet -

Abstract

जवाब - ए - गुलाब

जवाब - ए - गुलाब

1 min
498

गुलाब ने कहा 

मैं शीतल हूँ तो क्या

किसी पत्थर दिल को 

पिघलाने की तपीश रखता हूँ


गुलाब ने कहा 

मैं कोमल हूँ तो क्या

किसी के भी दिल में प्यार की

कसक जगा सकता हूँ


गुलाब ने कहा

मैं नाज़ूक हूँ तो क्या

किसी की एक मुस्कान के लिये

खुद को न्योछावर करने का साहस रखता हूँ


गुलाब ने कहा

मैं बिखर भी गया तो क्या

किसी की आस्था से 

जूड़ पूजनीय बन सकता हूँ


गुलाब ने कहा

मैं रंगीन रहूँ या ना तो क्या

किसी भी रूप में किसी के

काम आने की काबिलियत रखता हूँ


गुलाब ने कहा

मैं डाल पर तन्हा हुआ तो क्या

किसी की शहादत में शिरकत कर

उसके साथ जाने का गौरव पाता हूँ 


गुलाब ने कहा

मैं सस्ता हुआ तो क्या

किसी भी बहुमुल्य वस्तु से 

अधिक हृदय रोज़ लुभा सकता हूँ।


Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Abstract