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Ramanpreet -

Romance


2.5  

Ramanpreet -

Romance


तुम कह सकते हो

तुम कह सकते हो

1 min 296 1 min 296

अभी भी कह सकते हो

वो अनकही सी चाहत 

जो नज़रों में छुपाये रखते हो,

ना जाने चाह कर भी क्यूँ 

उसे दिल में दबाये रखते हो,

लबों पर तुम्हारे जो बात 

"काश" से सजाये रखते हो,

उसका इकरार हमारी निगाहों में

जब चाहे पढ़ सकते हो,

अभी भी से कह सकते हो

हाँ, तुम हक़ से कह सकते हो।


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