Unlock solutions to your love life challenges, from choosing the right partner to navigating deception and loneliness, with the book "Lust Love & Liberation ". Click here to get your copy!
Unlock solutions to your love life challenges, from choosing the right partner to navigating deception and loneliness, with the book "Lust Love & Liberation ". Click here to get your copy!

Sugan Godha

Romance Tragedy

4.5  

Sugan Godha

Romance Tragedy

साजन का संदेश

साजन का संदेश

1 min
330


बीत गए ! कई दिन,

शायद मौसम भी बीत गए

बारिशें आती जाती रहती हैं

भिगो- भिगो तन जलाती हैं।


आँचल पहले से ही भिगा रहता है

वियोग में बहती अश्रु धारा से

बेहया ! बने बादल भी

रहम ज़रा न खाते है ।


कितना समझाया मैंने इसे

प्राण प्रिय पर्वत के उस पार है

ज़रा पूछ कर आ उनसे

भूल गए क्या जाकर अनजाने देश।


डगर - डगर मैं भटकूँ

कब तक मैं राहें ताकूँ 

ऐ निर्दयी जा कर ले आ

अब तो साजन का संदेश।



Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Romance