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Gulabchand Patel

Drama

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Gulabchand Patel

Drama

रक्षा बंधन

रक्षा बंधन

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वर्षा ऋतु आयेगी,

त्योहार की माला लायेगी, प्यार की ज्योति जलायेगी


रक्षा बंधन आयेगी

बहना राखी लायेगी और प्यार की ज्योति जलायेगी


भैया को तिलक लगायेगी

मिठाई भी खिलायेगी, प्यार की ज्योति जलायेगी


भैया से प्यार जतायेगी

प्यार की ज्योति जलायेगी, प्यार की ज्योति जलायेगी


वो बड़ी हो जायेगी

तब भी राखी ले आयेगी, प्यार की ज्योति जलायेगी


वो ससुराल भी जायेगी

तब भी राखी लेकर आयेगी, प्यार की ज्योति जलायेगी


राखी का बंधन निभायेगी

भैया-भाभी का प्यार पायेगी, प्यार की ज्योति जलायेगी


भैया से प्यार पायेगी

सुंदर उपहार ले जायेगी, प्यार की ज्योति जलायेगी


गुलाब की बहना आयेगी

प्यार का दीप जलायेगी, प्यार की ज्योति जलायेगी


रक्षा बंधन आएगी

रक्षा कवच दे जायेगी, प्यार की ज्योति जलायेगी ।।


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