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जंगल में डॉट कॉम खोलिए

जंगल में डॉट कॉम खोलिए

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जंगल में डॉट कॉम खोलिए, 

वृक्ष प्रेमियों को अपनी ओर मोड़िए 


पिंपल डॉट कॉम, नीम डॉट कॉम 

बबूल डॉट कॉम, नींबूड़ी डॉट कॉम 


जंगल डॉट कॉम, पर्यावरण डॉट कॉम 

डॉट कॉम, डॉट कॉम, जंगल डॉट कॉम 


कोंकरिट के जंगल को रोकिए,

पर्यावरण के लिए जरा सोचिए 


घर घर वृक्ष उगाइए 

पर्यावरण को बचाने आगे आइए 


पेड़ पर प्रभु की छवि हो 

और रक्षा का दायित्व निभाइए 


बचाना है यदि अपना गुस्सा 

तो लगाइए रोज एक नया वृक्ष 


यदि नहीं करेंगे वृक्ष का जतन, 

तो एक दिन होगा जरूर आपका पतन 


याद करिए वृक्ष वाला वतन, 

पर्यावरण के लिए वृक्ष का करिए जतन


गुलाब चंद कहे एक रीत अपनाइए 

गली गली में रोज रोज वृक्ष नए लगाइए।


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