STORYMIRROR

Gulabchand Patel

Romance

2  

Gulabchand Patel

Romance

पल पल

पल पल

1 min
301


पल पल तुम्हें मिलने

मैं राह देखता रहा


पल पल मेरी पलकें

भीगने लगी


नज़रे मेरी तुम्हें

तलाशती रही


पल पल तेरी राह

देखता रहा

नसीब की परछाईं

पल पल तुम्हें

याद करता रहा


दुविधा मे भी तेरा साथ रहा

पल पल नहीं तो

एक पल भी तुम देखेगी हमे

वो पल ढूँढता रहा


जो प्यार के लिए

मैं तरसता रहा


मैं भावना छोड़कर

पल पल तेरी यादें

खोजता रहा तुम्हें



Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Romance