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Nilesh Vora

Drama

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Nilesh Vora

Drama

ज़िम्मेदारियाँ

ज़िम्मेदारियाँ

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चाहूं भी तो कुरबान

जान करने नहीं देंगी

मेरी ज़िम्मेदारियाँ

मुझे मरने नहीं देंगी !


बन जाउं महादेव

ऐसी इच्छा नहीं

ज़माना हलाहल से

कहीं अच्छा नहीं

हलाहल को मेरे गले से

उतरने नहीं देंगी

मेरी ज़िम्मेदारियाँ

मुझे मरने नहीं देंगी !


ना बनता मैं मानव

तो क्या बात थी

तकदीर में मगर

स्याह ये रात थी

अवतार किसी और का

धरने नहीं देंगी

मेरी ज़िम्मेदारियाँ

मुझे मरने नहीं देंगी !


ऐ ज़िम्मेदारियों !

अगर तुम यहां ना होतीं

मर जाता मैं

जीते जी

ज़िंदगी फना ना होती

चाहत पर मेरी 'निल'

कर गुज़रने नहीं देंगी

मेरी ज़िम्मेदारियाँ

मुझे मरने नहीं देंगी...!


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