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Vijay Kumar parashar "साखी"

Drama Tragedy Inspirational

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Vijay Kumar parashar "साखी"

Drama Tragedy Inspirational

"ओजोन परत सुरक्षा"

"ओजोन परत सुरक्षा"

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पूरे विश्व को कार्बन उत्सर्जन की है, बीमारी

इससे ओजोन परत में छेद हो गया है, भारी

अब हमें पराबैगनी किरणों से कौन बचाएगा?

टूट गई है, ओजोन रूपी वायुमंडल तलवारी


हम बेपरवाह इंसानों की भयंकर लापरवाही

डूबो देगी, जीवन नैया हम सबकी ही दुलारी

ग्लोबल वार्मिंग होने से ताप बढ़ेगा, हाहाकारी

पिघलेगी फिर तो ध्रुवों की बर्फ, विनाशकारी


इससे डूब जाएंगे, दरिया निकट शहर भारी

आओ छोड़ दे हम बाते सारी, फिजूल दुधारी

पेड़-पौधों की बनाये, हम सब सुंदर सी क्यारी

वो कार्बन-उत्सर्जन के है, बहुत बड़े शिकारी


साथ ही हम ऊर्जा के विकल्प लाये, सहकारी

वो सब छोड़ दे, जो है पर्यावरण के बलात्कारी

तभी फिर से सही हो पायेगी, ओजोन किलकारी

फिर से सूर्य तेज किरणों से रक्षा करेगी, हमारी

  

आज सोलह सितंबर विश्व ओजोन दिवस पर,

ले हम सब लोग ही शपथ, पर्यावरण हितकारी

कम कार्बन उत्सर्जन करेंगे, हम मनु वेश धारी

ओर छोड़ दे, पर्यावरण प्रदूषण की चीजें सारी


साथ ही प्रतिवर्ष वृक्ष लगाने की करेंगे, तैयारी

ओर उन वृक्षों की करेंगे हम सब सार-संभारी

फिर देखो, ओजोन परत से न निकलेगी अग्नि

सूर्य किरनों में लगेगी फिर से छन्नी, एकसारी


ओजोन परत की सुरक्षा सबकी है, जिम्मेदारी

इसे निभाये, पर्यावरण को बनाये सुंदर नारी।



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