अरविन्द त्रिवेदी
Inspirational
राम को राम ही मात्र जीते रहे
वेदना का गरल नित्य पीते रहे
त्याग वैभव वनों में भी सुख पा लिया -
ताज पाकर सुखों से वो रीते रहे ।।
मैं भी किसान ...
मैं शुष्क भूम...
भारत देश हमार...
हमसफ़र
ग़ज़ल
शिव स्तुति
मुक्तक
शब्द
राम
स्त्री
शक्ति के इस दाँव में पिसता वही जो कमजोर है, रोज सवेरा होता फिर भी अंधियारा घनघोर है। शक्ति के इस दाँव में पिसता वही जो कमजोर है, रोज सवेरा होता फिर भी अंधियारा घन...
विरह की वेदना और पिया मिलन की आस, इसी भरोसे पर काटते रहे दिन और चिर रात। विरह की वेदना और पिया मिलन की आस, इसी भरोसे पर काटते रहे दिन और चिर रात।
माता-पिता की ममता,अपार विश्वास, सिखाते हैं जीवन की मूल बातें खास। माता-पिता की ममता,अपार विश्वास, सिखाते हैं जीवन की मूल बातें खास।
मैं जीवन की आशा हूँ मैं सत्य की परिभाषा हूँ मैं भारत हूँ, मैं भारत हूँ मैं जीवन की आशा हूँ मैं सत्य की परिभाषा हूँ मैं भारत हूँ, मैं भारत हूँ
पुनर्मिलन का सुख अद्भुत,मिलन का ये पल, दोस्तों के साथ ,परिवार का मेल सुखद हल। पुनर्मिलन का सुख अद्भुत,मिलन का ये पल, दोस्तों के साथ ,परिवार का मेल सुखद हल।
आवश्यकता पड़ी हमें क्यों हिन्दी दिवस मनाने की। हिन्दी की अपनी विशेषता जन-जन तक पहुंचाया। आवश्यकता पड़ी हमें क्यों हिन्दी दिवस मनाने की। हिन्दी की अपनी विशेषता जन-जन त...
ब्रह्म मुहूर्त में बिस्तर त्याग सब सुख समृद्धि का आधार। ब्रह्म मुहूर्त में बिस्तर त्याग सब सुख समृद्धि का आधार।
प्रति कार्तिक शुक्ला एकादशी को , पूजन होता पौधा तुलसी का ! प्रति कार्तिक शुक्ला एकादशी को , पूजन होता पौधा तुलसी का !
सावन गुज़र जाने के बाद, एक प्यारा त्यौहार आता है। सावन गुज़र जाने के बाद, एक प्यारा त्यौहार आता है।
मधुर और मंद है प्रेम तुम्हारा निर्झर जल की धार हो तुम। मधुर और मंद है प्रेम तुम्हारा निर्झर जल की धार हो तुम।
यह महज एक मानसिक स्थिति है लेकिन मैं एक हारा हुआ इंसान हूं यह महज एक मानसिक स्थिति है लेकिन मैं एक हारा हुआ इंसान हूं
प्रण मान यही कहना है तुम्हें, है हार नहीं स्वीकार मुझे।। प्रण मान यही कहना है तुम्हें, है हार नहीं स्वीकार मुझे।।
अपनेपन के भाव संग यह है , अखिल जगत अपना परिवार। अपनेपन के भाव संग यह है , अखिल जगत अपना परिवार।
आता है बार बार वो खयाल नहीं आता है समझ जियूं या मरुं। आता है बार बार वो खयाल नहीं आता है समझ जियूं या मरुं।
ये सेतु है विश्वास की, ये सेतु है कर्मयोग की... सत्युग से कलयुग की, संस्कृति से समृद्ध। ये सेतु है विश्वास की, ये सेतु है कर्मयोग की... सत्युग से कलयुग की, संस्कृति ...
जानना मुश्किल बड़ा सत्य को बहुत तरह से मिल सकता ये। जानना मुश्किल बड़ा सत्य को बहुत तरह से मिल सकता ये।
भारत है विविधताओं का देश। अनेकता में एकता का देता सबको संदेश। भारत है विविधताओं का देश। अनेकता में एकता का देता सबको संदेश।
कभी सारा दिन मुसकुराते रहना यह भाव ही तो जिंदगी है। कभी सारा दिन मुसकुराते रहना यह भाव ही तो जिंदगी है।
एक ही ज़िन्दगी मिली हैं हमें जिसे जी रहे हैं सभी। एक ही ज़िन्दगी मिली हैं हमें जिसे जी रहे हैं सभी।
कुछ थकी हूँ, हारी नहीं, मैं आज की नारी हूँ, अबला नहीं, कमजोर नहीं, मैं तो बलधारी हूँ। कुछ थकी हूँ, हारी नहीं, मैं आज की नारी हूँ, अबला नहीं, कमजोर नहीं, मैं तो बल...