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Adarsh Kumar

Romance


3  

Adarsh Kumar

Romance


प्यार

प्यार

1 min 200 1 min 200

बंद किताबो को पढ़ने में कुछ अलग सा है फितूर

उन.किताबो मे है कुछ कशिश और है कुछ सुरुर


घनघोर अँधेरे में बिखरे वो अपना नूर

अनमोल है वो जैसा हीरा कोहिनूर


हर कोई उनको पढ़ने को है बेताब

जैसे वो हो कोई आफताब महताब 


उस बंद किताब की है कोई चाबी यार

आहिस्ता आहिस्ता तू खोल दे मेरे प्यार!



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