STORYMIRROR

Amit Kumar

Romance

4  

Amit Kumar

Romance

तन्हा है दिल

तन्हा है दिल

1 min
352

गुंजन है भँवरों की

शब्दों की शहनाई है

तन्हा है दिल मेरा

तन्हा यह तन्हाई है

आओ मिलकर साज़ छेड़े

हम दर्दभरे नग्मों का

दिल की ताल पर

ठुमका लगाए नज़्मों का

गहरी पैठ सी गहन 

यह अंगनाई है

इश्क़-मुश्क की बातें है

और बस जग हंसाई है

मेरे दोस्त बात मेरी

अब इतनी समझ मे आई है

इश्क़ मेरा इश्क़ नहीं

हां उसकी अदाएं अब भी

मेरे दिल को भायी है...।

         


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Romance