प्यार
प्यार
मुझको तन्हा कर दिया इन उजालों ने,
अंधेरों से तो मैं जी भर कर बातें करता हूँ..
बात पहुंची नहीं होगी उनके दिल तक अभी,
ये कैसे हो सकता है मैं याद करूँ और उन्हें खबर ना लगे..
उसे छुप छुप के देखा था वो गैरों कि बांहों में थी,
जिसे समझा था बेशकीमती तोहफा अपने लिए,
वो कौड़ियों के भाव में थी..
जिंदगी तो नाम है सारे सुख दुख साथ निभाने का,
तुम्हें एतराज ना हो तो तुम्हारे सारे ग़म मैं रख लूँ??

