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Gyan Priya

Drama

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Gyan Priya

Drama

प्यार

प्यार

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प्यार एक अहसास है

जीवन की प्यास है

ममता का प्रतिरूप है

पिता की फटकार है।


दादा का बचाव है

दादी का दुलार है

भाई का स्नेह है

बहन की राखी है।


पत्नी का सहयोग है

दोस्तों का साथ है

प्यार की और क्या परिभाषा है

प्यार तो सबसे पवित्र है।


पूजा का फूल है

देवियों के गले में पिरोयी

मोतियों की माला है

भगवान का सबसे

प्रिय प्रसाद है।


भक्तगण की भगवान के

प्रति श्रद्धा है

प्यार की और

क्या परिभाषा है।


वीणा की तान है

तबलों का ताल है

बांसूरी से निकला

मधुर संगीत है।


भगवान शिव का तांडव है

देवी का नृत्य है

सरस्वती माँ की वीणा है

लक्ष्मी माँ का कमल है।


विष्णु जी का प्रिय सुदर्शन चक्र है

प्यार की और क्या परिभाषा है

प्यार से तो सृष्टि है

प्यार से तो ये ब्रह्मांड है।


प्यार से तो आसमान के सातों तल है

प्यार ही तो इंद्रधनुष के सातों रंग है

प्यार ही तो बारिश की बूँदें है

प्यार की और क्या परिभाषा है।


प्यार हम सबको मिला

सबसे अनमोल रत्न है

प्यार बस प्यार है।।


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