STORYMIRROR

Gyan Priya

Inspirational

3  

Gyan Priya

Inspirational

आकाश की ऊँचाइयाँ छूते जाना है

आकाश की ऊँचाइयाँ छूते जाना है

1 min
357

अब नहीं रूकना मुझे

अब नहीं थकना मुझे

अब नहीं झुकना मुझे

अब नहीं थमना मुझे

बस आगे बढ़ते जाना है।


आकाश की नयी ऊँचाईयों को

अब छूते जाना है

जिंदगी की राह आसान नहीं

लेकिन डगमगाना नहीं

अब किसी हालत में।


बढ़ने की राह आसान कहां

हौसलों को कम ना होने देना

अब किसी हालत में।


सच्चाई के रास्ते आगे चलते जाना है

जानती हूँ रास्ते में कई रोड़े मिलेंगे,

कई कठिनाईयाँ आएँगी, आंधी तूफान आएँगे

जो रोकने चाहेंगे।


पर ना अब मुझको रूकना है

और ना गिरना है

बस अब आकाश की

नयी ऊँचाईयाँ छूते जाना है।।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Inspirational