प्यार का रंग
प्यार का रंग
मुझे रंग चढ़ा हे केसरिया,
जो दिल छू गया,
देखते देखते ही आंखें लड़ पड़ी, ऐसा कोई जादू हुआ
जो जोगनिया किसी के प्यार मैं बलिहारी हो गई,
ये प्यार की भूख एक जन्म की थोड़ी है, ये सदियों की तपस्या और आराधना है वरना
ये प्यार पूजा और प्यार करने वाला जोड़ा
राघाकिशन क्यु कहलाता।
कुछ दिल की बाते कुछ जमाने की पहेलियाँ हमें सब समझा जाती है,
जो, स्कूल कालेज कभी चाहकर भी सिखा सकते।
मेरी उम्र तुझे लग जाए, ये मन्नतें माँगते माँगते मेरा आना अब मंदिर कि सीढ़ियाँ भी मुझे पहचानने लगी है,
ये होली ने तो दिल रंग दिए, माना की सुरत मासूम हे तेरी, पर ये होली
प्यार भरे लफ्जों से खेली जाएगी।
वेलेंटाइन डे चला गया तो क्या हुआ, हम तो दिल से दिल जोड़ कर हम
एक दूजे को प्यार के रंग में रंग लिया करेंगे।
एक पहल आप करना और एक हम, हमारे प्यार का मंजर यूं चलता रहे,
जिंदगी का क्या है, कभी खुशियाँ कभी यादों का दरिया जो आँसू बनकर रह जाते है,
पर प्यार के रंग दिल पर ज़ेरॉक्स कोपी बन रह जाते है, कही ये होली हमें एक दूसरे के बंधन मैं
यूं ही लपेट ले, क्या पता?
दिल की बात ही बात पर निकली क्या पता?
आपका चेहरा देखते देखते आदत बन जाये क्या पता?
ये रंग ये नादान मस्तीयाँ जो हमारे दिल को हरा गई,
ये दूरियाँ मिटाने का पर्व होली न बन जाए।
एक दूजे को चाहकर भी न भूले ऐसा रंग चढ़ जाए।
एक दूजे को चाहकर भी खो बैठे ऐसा दिन न दिखाये रब्बा, प्यार पाने के वास्ते,
शिव, राम, कान्हा सब रोये थे, कोई प्यार के खातिर हवन मैं कुदा,
तो प्यार कलंकित न हो इस वास्ते अग्नि परीक्षा दे बैठा,
कोई प्यार के वास्ते त्याग कर बैठा तो कोई केसरिया चोला पहनकर सुधबुध खो बैठा,
तो कोई चुपके चुपके रो बैठा,
ये प्यार की बाते यूं न गजल बनती, जिंदगी के मोड़ सब सिखाते है,
वरना कोई किसी की चाहत मैं जहर क्यों अमृत समझ कर पी जाता,
प्यार का रंग केसरिया, न सुबह न श्याम
ये इश्क का सफर न रुक रहा, तेज रफ्तार से चल रहा,
रूकावटें भी रोक न पाये, तेरी यादों में दिन काँटे न कटे ,
हम रंग चढ़ा है, प्यार का, मिलन का दिन आया होली का,
हम एक दूजे मैं रंग ही गए।
ये होली में मोहब्बत का रंग हमारा गहरा होगा।

