STORYMIRROR

Pradnya Kulkarni

Fantasy

3  

Pradnya Kulkarni

Fantasy

पुराने दिन पुरानी यादें

पुराने दिन पुरानी यादें

1 min
420

पुराने दिन पुरानी यादें

पुरानी बातों का कुछ अपना ही मजा होता है


चाहे कितना भी वक्त क्यों ना गुजर गया हो

याद करते ही ताजा हो जाती है

पुरानी यादों का कुछ अपना ही मजा होता है


चाहे आज आँखों से ओझल क्यों ना हो गये हो

दिल में एक तस्वीर हमेशा छिपी रहती है

पुरानी चीजों का कुछ अपना ही मजा होता है


चाहे जमाना कितना भी आधुनिक क्यों ना हो गया हो

पुराने दिन बहुत याद आते है

यूँ ही नहीं दोस्तों, हर एक अँटीक पीस इतना महँगा होता है


पुराने दिन पुरानी यादें

पुरानी बातों का कुछ अपना ही मजा होता है



Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Fantasy