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Gangotri Priyadarshini

Abstract Fantasy

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Gangotri Priyadarshini

Abstract Fantasy

एक मुठ्ठी आसमान

एक मुठ्ठी आसमान

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एक मुठ्ठी आसमान

जहां ढूंढ रहा हर कोई अपना पहचान

चांद तारों कि जहां हो रही बारिश

हर वो मुकाम छूने कि मन में है ख्वाहिश

सुकून कि उजाले बिखरे हर तरफ़ यहां वहां

बचपन कि किलकारियों से गूंजे इस जहान ।।


एक मुठ्ठी आसमान

जहां कोई न हो किसी से अनजान

मेहमान ए है ये गुलिस्तां 

चाहे जिसे हम दिलोजान  

एक मुठ्ठी आसमान

सुख दुःख राह कि कहानी करें बयां ।।


एक मुठ्ठी आसमान

जहां ख्वाबों कि गलियारों में 

पौधा से भविष्य बनने कि दौर से बने

हर वो कोशिश कि निशान

हमें मंजूर है अपने अपने नसीब के 

एक मुठ्ठी आसमान ।।


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