STORYMIRROR

Kavita Verma

Abstract

4  

Kavita Verma

Abstract

बुलबुले

बुलबुले

1 min
477

नदी के तल से उठते बुलबुले

कहते हैं बड़ी बात 

अपने छोटे से जीवन में 

अगर लिया है कुछ 

तो देना भी है जरूरी

 

यही बनाता है संतुलन 

जीवन और प्रकृति में 

देते हुए हो कोशिश 

लौटाएं लिये से बेहतर


जैसे पानी में डूबे ये तुच्छ पौधे 

धुंधले प्रकाश और हवा के बदले 

लौटाते प्राणवायु 

और जीवित रखते हैं 

डूबा हुआ एक पूरा संसार। 


Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Abstract