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Sudhir Srivastava

Abstract

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Sudhir Srivastava

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हाइकु-विजयदशमी

हाइकु-विजयदशमी

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विजयपर्व

है विजयदशमी 

जीत सको तो


रावण भला

मरता कब कहाँ

बताओ भला।


अकेला था वो

और अब रावण

अनगिनत।


रावण भला

रावण को मारेगा

यकीन नहीं।


रावण कभी

मर नहीं सकता

मारेगा कौन?


तुम रावण

हम भी तो रावण

मार सकोगे।


रावण भला

मरेगा भी तो कैसे

रावण मारे।


राम कुपित

रावण ही रावण

कितना मारें।


विजयपर्व

सिर्फ़ औपचारिक

रावण हँसे।


चुनौती देता

हर ओर रावण

बेबस राम



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