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Sudhirkumarpannalal Pratibha

Abstract

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Sudhirkumarpannalal Pratibha

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मकसद भरा जीवन

मकसद भरा जीवन

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जीवन

जीने के

मायने

होते हैं ,

यह

जीवन

बिन

मकसद

के

नहीं हो

सकते,

जीवन

और मौत

के बीच

जो भी

समय

बचता है

वो बेहद

महत्व

रखता है,

इस बीच में

क्या खोया

क्या पाया

और क्या

नहीं पाया

क्या

पाते-पाते

रह गया,

खुद के

ऐसे प्रश्नों से

अनुत्तरित

न होना पड़े

बिन मकसद

का जीवन

कटी पतंग

की तरह 

होता है,

एक

सामान्य

जीवन

जीने वाला

शख्स

खुद से

ऐसे प्रश्न

नहीं कर

सकता।

 


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