STORYMIRROR

Kusum Lakhera

Fantasy Inspirational Others

3  

Kusum Lakhera

Fantasy Inspirational Others

इंतजार

इंतजार

1 min
231

वो करती रही इंतजार की 

ख़ुशी के पल सुर्ख गुलाब से 

महकेंगे …..

वो करती रही इंतजार की 

खुशियां झूमती हवा सी 

गुनगुनाएगी.....

वो करती रही इंतजार की 

खुशी ...ढोलक की थाप सी 

गूंजती हुई बिखेरेगी लय और ताल 

पर खुशी कैसे आती क्योंकि 

मन के भीतर के द्वारा पर तो 

ताला लगा हुआ था बंदिशों का 

घुटन का .......

आज उसने इंतजार नहीं किया 

उसने खुशियों के एहसास की चाभी से 

भीतर के ताले को खोला ........

तो देखा वहाँ ताज़े गुलाब थे मखमली आवाज़ के

गीत और ढोल की ताल में ताल मिलाते नृत्य थे 

सबने मेरा हाथ पकड़ा और प्यार से कहा 

चलो अब हमारे संग तुम भी मुस्कुरा लो

कोई गीत गा लो...



Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Fantasy