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Reena Devi

Tragedy

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Reena Devi

Tragedy

पुकार

पुकार

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बेटी गर्भ में करे पुकार

प्रभु मुझपर करो उपकार।

जीवन डोर हो रही क्षीण

कलयुगी दानव करे प्रहार

निर्मित किया मुझे आपने

जन्म लेने का दो अधिकार।

बेटी गर्भ में करे पुकार।।


चाकू,कैंची की पीड़ा से

मुझको आप बचा लो

श्वास भरे हैं तन में जो

मुझको आप सम्भालो

आप भरोसे जीवन नैया

आप ही लगाओ पार

बेटी गर्भ में करे पुकार।।


नहीं चाहिए ऐश्वर्य मुझे

मांगू जीने का अधिकार

जान गर्भ में पल रही कन्या

बदला मात पिता का प्यार

अबॉर्शन का साया बेटी पर

कभी न पड़े मन करे गुहार

बेटी गर्भ में करे पुकार।।



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