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Reena Devi

Abstract

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Reena Devi

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बगिया की सैर

बगिया की सैर

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आ मेरी नन्ही परी तुझे,

बगिया की सैर कराऊं।

बन जाऊं मैं अश्व तेरा,

और तुझको राजा बनाऊं।


बैठ पीठ पर करे सवारी,

और आनंद खूब उठाए।

कभी चहके पंछियों सी,

कभी फूल सी तू मुस्काये।


सुनकर तेरी प्यारी हंसी,

मैं मधुर गीत सुनाऊं।

आ मेरी नन्ही परी तुझे ,

बगिया की सैर कराऊं।


पाकर साथ तेरा मैं

अपना गम भूल जाऊं।

जी लूं मैं भी बचपन

और संग तेरे मुस्कुराऊं।


बुरी नजर ना लगे तुझे,

आ काला टीका लगाऊं।

आ मेरी नन्ही परी तुझे

बगिया की सैर कराऊं।


हर तरफ हो खुशियां तेरे,

गम ने कभी सताए।

करती हूं फरियाद यही

जो चाहे वह पाए।


आ तुझे अपनी आंखों से,

दुनिया की हकीकत दिखाऊं

आ मेरी नन्ही परी तुझे,

बगिया की सैर कराऊं।


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