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सोनी गुप्ता

Tragedy

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सोनी गुप्ता

Tragedy

प्रकृति से खिलवाड़

प्रकृति से खिलवाड़

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मत कर मनुष्य

तू प्रकृति से खिलवाड़

वरना झेलनी पड़ेगी

तुझे जीवन की मार

यह बात तुम्हें कई कई बार

प्रकृति ने बताई है

देखा होगा तुमने

कई बार विपदा आई है


जाना समझा फिर भी

तुमने न सबक लिया

सोचो तुमने मुझ को

दुःख के सिवा क्या दिया ?

पशु -पक्षी के जो घर थे सुंदर

वो कहाँ गए?

वो जंगल वो उपवन

सब तुमने ही तो नष्ट किए


हे मनुष्य समझा नहीं

तू चेतावनी को मेरी

कोरोना से देख

अब क्या दशा हो गई है तेरी

समय अभी भी है

संभल जा मानव

वरना एक दिन

बहुत तुम पछताओगे


जब तक वृक्ष है

तब तक जीवन है

मत कर मनुष्य

तू प्रकृति से खिलवाड़

वरना झेलनी पड़ेगी

तुझे जीवन की मार



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