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Shalinee Pankaj

Tragedy


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Shalinee Pankaj

Tragedy


प्रकृति और नारी

प्रकृति और नारी

1 min 195 1 min 195

प्रकृति का दूसरा

रुप ही नारी है

प्रकृति सदैव से

देते आई है

निश्वार्थ प्रेम

अपने बच्चों को


बिन प्रकृति 

मानव अधूरा है

और बिन नारी 

पुरुष अधूरा है

फिर भी


निरादर प्रकृति का

नित पेड़ काटे जाते है

कांक्रीट के जंगल

बनाये जाते है

निरादर नारी का

भी होता है


सृष्टि अधूरी है

नारी के बिना

विरले ही समझ

पाते है

हर तरह से अपना

कर्तव्य निभाती

त्याग, ममता की

मूर्ति होती है


पिता, पति, पुत्र

की फ़िक्र में हर

पल रहती है

नारी व प्रकृति

से ही सृष्टि है

दोनों का

सम्मान करें..


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