Participate in the 3rd Season of STORYMIRROR SCHOOLS WRITING COMPETITION - the BIGGEST Writing Competition in India for School Students & Teachers and win a 2N/3D holiday trip from Club Mahindra
Participate in the 3rd Season of STORYMIRROR SCHOOLS WRITING COMPETITION - the BIGGEST Writing Competition in India for School Students & Teachers and win a 2N/3D holiday trip from Club Mahindra

Shalinee Pankaj

Inspirational


4  

Shalinee Pankaj

Inspirational


वो मेरे अपने

वो मेरे अपने

1 min 23.5K 1 min 23.5K

हाथों से अपने बचपन सँवारे

उंगली पकड़ के चलना सिखाये

माता पिता सा दूजा न कोई

गोदी में जिसके बचपन में सोई।


त्याग के सुख अपने,दी है हमे खुशियाँ

लोरी में जिनके वो आती थी परियाँ

स्पर्श में जिनके स्नेह की लड़ियाँ

किस्सों में जिनके,सीखो की कड़ियाँ


सीधी कमर जब झुक जाएगी

हाथों में सहारे को छड़ी आएगी

आँखों में चश्मा, बालों की सफेदी

हर बला से बचाये, दूर कर दी बदी


उम्र के इस मोड़ में साथ है हमें चलना

बुजुर्गों ही है परिवार का गहना

साथ इनके अब हर पग में है चलना

चुभ जाए न कोई कांटा कभी

हथेली में सुरक्षित है इनको है रखना।


Rate this content
Log in

More hindi poem from Shalinee Pankaj

Similar hindi poem from Inspirational