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Kanchan Prabha

Romance

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Kanchan Prabha

Romance

प्रेमपाश

प्रेमपाश

1 min
201

कौन है

तुम्हारे सिवा

सिवा तुम्हारे 

कौन है

आँखों के आँसू

होंठों की प्यास

धड़कन की खामोशी

तुम ही तो हो

जी रही हूँ 

तुम्हारे लिए 

हँस रही हूँ

तुम्हारे लिए 

रोती हूँ बस

तुम्हारे लिए 

तस्वीर हो तुम

प्रतिबिंब हूँ मैं 

बीच में है दर्पण

स्वच्छ सा शीतल सा

हमारे रिश्ते की तरह

पतंग हूँ मैं 

डोर हो तुम 

हमारे तुम्हारे

प्रेमपाश की तरह।



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