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S Ram Verma

Romance

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S Ram Verma

Romance

प्रेम पाना तुम्हारा

प्रेम पाना तुम्हारा

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मैंने कभी नहीं चाहा

पाना प्रेम तुम्हारे सिवा  

किसी और का

मैंने तो चाहा भी और 

माँगा भी प्रेम एक सिर्फ  

तुम्हारा ही


तुम मुझे प्रेम करो

और करे उतना ही 

प्रेम मुझे तुम्हारी 

संतति भी

मैं चाहता हूँ प्रेम देना 

भी सिर्फ एक तुम्हें और

तुम्हारी संतति को ही


तुम को प्रेम करने और

तुम्हारा प्रेम पाने के 

लिए लड़ रहा हूँ

मैं आज भी इस ज़माने 

से और लड़ता रहूँगा 

कल भी क्योंकि मैंने

कभी नहीं चाहा पाना 

किसी और का !


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