STORYMIRROR

बहार ज़माने प्रेम निद्रा उड़ती है रातों की सुख तज दिया मैदान मात-पिता के संग तकरार मर्दानी मन संतति हैं परमेश्वर की भूमि विरांगना भाव लाते हमको इस जग में निज संतति के सुख हित संसार न उनको भेजेंगे हम वृद्धाश्रम वरदान हिन्दीकविता

Hindi संतति Poems