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लड़ता कण कण जगत भाव सकारी हिन्दीकविता hindikavita ज़माने लाते हमको इस जग में वरदान तकरार न उनको भेजेंगे हम वृद्धाश्रम विरांगना भूमि दिया हमें असीम ही प्यार मर्दानी निद्रा उड़ती है रातों की मैदान पितरो को समर्पित समायोजित निज संतति के सुख हित

Hindi संतति Poems