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लड़ता बहार संसार ज़माने मैदान दिया हमें असीम ही प्यार समायोजित वरदान जगत न उनको भेजेंगे हम वृद्धाश्रम भाव सुखमय मात-पिता के संग सुख तज दिया निज संतति के सुख हित पितरो को समर्पित लाते हमको इस जग में निद्रा उड़ती है रातों की प्रेम अंतर्राष्ट्रीयकाव्यप्रतियोगिता

Hindi संतति Poems