Surendra kumar singh
Drama
प्रेम है
हम हैं
हमारी गन्ध है
हमारी हवा है
हमारा आकाश है
हमारा पता है
हमारी दुनिया है
और एक खबर है
तुम्हारी दुनिया में
मिलने की।
एहसास
आज
चलो
सुबह है
चेहरे पर मुस्...
स्पर्श
मन का आकाश
तुम्हारी आगोश...
जो भी है
हवा में
इस कदर तन्हा हूँ कि अपनी बातें खुद को ही बताता रहता हूँ। इस कदर तन्हा हूँ कि अपनी बातें खुद को ही बताता रहता हूँ।
महागौरी, महालक्ष्मिनी, ॐ नमः नारायणी, नमत्स्ये नारायणी, नमो नमो नारायणी । महागौरी, महालक्ष्मिनी, ॐ नमः नारायणी, नमत्स्ये नारायणी, नमो नमो नारायणी ।
रोशनी के आगे, अंत में जाता है, हार जब-जब एकत्रित हुए, सत्य सुविचार रोशनी के आगे, अंत में जाता है, हार जब-जब एकत्रित हुए, सत्य सुविचार
आस्था की शक्ति से पाप जायेंगे धुल। सौभाग्य के बंद द्वार भी जायेंगे खुल। आस्था की शक्ति से पाप जायेंगे धुल। सौभाग्य के बंद द्वार भी जायेंगे खुल।
पूरे दिन रहती है, वो बिना जलधारा पूरे दिन नहीं खाती एक भी निवाला पूरे दिन रहती है, वो बिना जलधारा पूरे दिन नहीं खाती एक भी निवाला
जो दिखे छोटे, पर याद दिला दे, नानी हिंदी हृदय से निकली हुई है, वाणी जो दिखे छोटे, पर याद दिला दे, नानी हिंदी हृदय से निकली हुई है, वाणी
बेईमान खुद से रहा ईमानदारी लोगों के हिस्से रही, बेईमान खुद से रहा ईमानदारी लोगों के हिस्से रही,
अक्सर शादी के मायने को शर्मिंदा करते हैं। अक्सर शादी के मायने को शर्मिंदा करते हैं।
मुहब्बत झूठ से होने लगी अब तो सच्चे आदमी से दूर हूँ मैं ! बहुत उकता गया हूँ ज़िन्दगी से 'लकी' अब ... मुहब्बत झूठ से होने लगी अब तो सच्चे आदमी से दूर हूँ मैं ! बहुत उकता गया हूँ ज़...
आज जो तुम्हारा नहीं है, कल वो किसी और का भी नहीं था... आज जो तुम्हारा नहीं है, कल वो किसी और का भी नहीं था...
जो लटके फांसी पर, ऐसे थे, वीर क्रांतिकारी फांसी के फंदे को वो समझते थे, फुलकारी जो लटके फांसी पर, ऐसे थे, वीर क्रांतिकारी फांसी के फंदे को वो समझते थे, फुलका...
आज खीर बनाकर, उन्हें भोग लगाते है जो इस सृष्टि के पालनहार कहलाते है आज खीर बनाकर, उन्हें भोग लगाते है जो इस सृष्टि के पालनहार कहलाते है
मैं तो हूं एक अंधेरा, आप हो प्रभुजी एक सवेरा मैं तो हूं एक अंधेरा, आप हो प्रभुजी एक सवेरा
इस दुनिया में ही तो ऐसा होता है आख़िर कब इस दिल का सोचा होता है जो झूठे है वो ही पाते है आदर सच्च... इस दुनिया में ही तो ऐसा होता है आख़िर कब इस दिल का सोचा होता है जो झूठे है वो ...
हम से अच्छे तो जानवर भी होंगे, दोस्तों। जो कम से कम, संतोष, सुकूं दिमाग रहे है।। हम से अच्छे तो जानवर भी होंगे, दोस्तों। जो कम से कम, संतोष, सुकूं दिमाग रहे ह...
यह जिंदगी तो है, बहुत बड़ा समर सब्र से बड़ा नहीं कोई शस्त्र सुंदर यह जिंदगी तो है, बहुत बड़ा समर सब्र से बड़ा नहीं कोई शस्त्र सुंदर
ये मीठा-मीठा ज़हर है, ये नशे सा सर चढ़ कर बोले ये मीठा-मीठा ज़हर है, ये नशे सा सर चढ़ कर बोले
मां बचपन में सुनाती, जिसमें कहानी हिंदी ही थी वो मां सदृश्य जैसी वाणी मां बचपन में सुनाती, जिसमें कहानी हिंदी ही थी वो मां सदृश्य जैसी वाणी
भाई उसे बहुत परेशान करता था, पर मन-ही-मन बहुत प्यार भी करता था। भाई उसे बहुत परेशान करता था, पर मन-ही-मन बहुत प्यार भी करता था।
उसके लिये सर्दी, गर्मी, वर्षा सब ही एकसार है।। उसके लिये सर्दी, गर्मी, वर्षा सब ही एकसार है।।