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Yogita Sahu

Tragedy

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Yogita Sahu

Tragedy

प्लास्टिक

प्लास्टिक

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आज एक मानव दूसरे मानव से 

            लड़ झगड़ कर जी रहा ।

प्लास्टिक की उपयोगिता 

            आज दिनों दिन है बढ़ रही।।

आज पूरी कायनात 

          विषैली गैसों से घिर रही।

प्लास्टिकों के जंजीरों ने

            दुनियां को है ढक रहा।।

बदल रहा इंसान है

           बदल रही है उसकी सोच।

काम पैसे की लागत है 

       यही कारण है प्लास्टिक की अधिक उपयोग।।

किस किस को तुम रुकोगे

            दुनियां जिद्द में चल रही।

आज हमारी पृथ्वी 

            प्लास्टिकों से डूब रही।।



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