STORYMIRROR

Yogita Sahu

Inspirational

4  

Yogita Sahu

Inspirational

सवाल

सवाल

1 min
244

आज देखा मैने एक सवाल

देखते क्यों है गांव और

शहर में इतना फर्क

कहते है लोग गांव के लोगों की सोच

गांवों तक सीमित रहती हैं

पर ऐसा नही है जनाब

मैं भी तो एक गांव की बेटी हूं

मुझे यहां के दर्द है दिखते....

खुद ना खाकर दूसरो को खिलाते

यहां रहने वालो का दिल हैं बड़ा होते

दिन रात है मेहनत हैं करते....

फिर भी उतना फल है नहीं मिलते

जितना उनका हक हैं होते

सच कहूं गांवो के लोगों

के पास आज भी उड़ान है

लेकिन पैसा उन्हें झुका हैं देते....

इतना गुण तो हैं गांवों में

हराम के पैसे नहीं है खाते

ईमानदारी से भरे पड़े है

खुद रोकर दूसरो को हंसाते

मानवता को साथ है रखते....

क्या हुआ यहां भोले भाले है लोग

वो किसी का बुरा तो नहीं हैं सोचते

सच कहूं तो गांवो की

बस्ती में स्वर्ग हैं दिखते।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Inspirational