STORYMIRROR

Yogita Sahu

Horror Others

4  

Yogita Sahu

Horror Others

हिंदी दिवस

हिंदी दिवस

1 min
567

भाषा में है श्रेष्ठ सबसे 

नही किसी को लगते अटपटे

शुरू होती है अनपढ़ से..


और खतम होती है 

सबको ज्ञानी बना कर के..

आधार है हिंदी कवियों की

जैसी पानी और धार है


कैसे करे गुणगान है

हिंदी सबकी शान है

हिंदी सबको रमता है

सबके दिलों में बसता है


भारत का स्वाभिमान है

जैसे किया रसपान है।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Horror