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अर्चना तिवारी

Classics

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अर्चना तिवारी

Classics

फुर्सत के पल

फुर्सत के पल

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धूप ताप के दिन हैं बीते

 बीत गई विरह की बेला , 

आओ मिलकर खुशियाँ मना लें 

फिर मिले हैं फुर्सत के पल! 


रात-दिन की भाग दौड़ से

जीवन के भीड़ भरे मेले से, 

सबकी सेवा सत्कार से

मिले हैं कुछ फुर्सत पल !


आओ सुनहरी धूप का आनंद लें

संग बैठ एक कप चाय पी लें, 

मधुर बेला पर एक गीत गुनगुना लें

फिर मिले हैं फुर्सत के पल ! 


चलो दोस्तों को याद कर ले

उनका हाल चाल पूछ ले , 

बहुत दिनों के बाद जीवन में 

फिर मिले हैं फुर्सत के पल ! 


चलो कुछ नया सोचते हैं 

चलो कुछ नया रचते हैं, 

जो बिसर गया चलो उन्हें याद करते हैं 

फिर मिले हैं फुर्सत के पल !


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