फुर्सत के पल
फुर्सत के पल
धूप ताप के दिन हैं बीते
बीत गई विरह की बेला ,
आओ मिलकर खुशियाँ मना लें
फिर मिले हैं फुर्सत के पल!
रात-दिन की भाग दौड़ से
जीवन के भीड़ भरे मेले से,
सबकी सेवा सत्कार से
मिले हैं कुछ फुर्सत पल !
आओ सुनहरी धूप का आनंद लें
संग बैठ एक कप चाय पी लें,
मधुर बेला पर एक गीत गुनगुना लें
फिर मिले हैं फुर्सत के पल !
चलो दोस्तों को याद कर ले
उनका हाल चाल पूछ ले ,
बहुत दिनों के बाद जीवन में
फिर मिले हैं फुर्सत के पल !
चलो कुछ नया सोचते हैं
चलो कुछ नया रचते हैं,
जो बिसर गया चलो उन्हें याद करते हैं
फिर मिले हैं फुर्सत के पल !
