STORYMIRROR

Dr. Tulika Das

Classics Inspirational

3  

Dr. Tulika Das

Classics Inspirational

फलसफा जिंदगी का

फलसफा जिंदगी का

1 min
210

है मेरी जिंदगी का बस यही फलसफा,

ना बनू मैं कभी किसी की आंख में आंसू की वजह 

कुछ हौसला और उम्मीद मैं डाल दूं किसी खाली दामन में 

कि थोड़ी भींगी मुस्कुराहटें मैं रख दूं सूखे होंठों पे ।


जीती हूं मैं हर दिन जिंदगी का 

कि पसंद नहीं मुझे लेन -देन किसी दखल का।

विचारों से मैं सब के मिल लेती हूं,

कुछ मिले जो अनमोल सलाह 


मैं साथ अपने ले चलती हूं,

पर फैसला करने का हक

 मैं अपने पास ही रखती हूं।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Classics