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Mona Sharon

Classics

5.0  

Mona Sharon

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मेरा भाई

मेरा भाई

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मेरा भाई, मेरा भाई,

न चुना है, न ढूंढा है;

न माँगा है, न खरीदा है।

ये तो क़ुदरत की है खुदाई,

तोहफे में मिला है, मुझे मेरा भाई।


मेरे बुरे में भी मेरा,

मेरे अच्छे में भी मेरा।

सच्चा दोस्त, सच्ची तड़प;

सच्ची फ़िक्र, सच्ची रहनुमाई, मेरा भाई।


कभी गिरा कर उठाना,

कभी रुला कर हँसाना।

कभी डांट कर समझाना,

ये और कोई नहीं, ये है मेरा भाई।


अक़ील भी है, कफील भी है,

जमील भी है, क़लील भी है।

क़िस्मत उसीकी जगमगाई,

जिसके पास है एक भाई।


उसकी लड़ाई में मुहब्बत, मुहब्बत में लड़ाई;

उसकी सोच में गहराई, मेरी फ़िक्र है उसे खाई।

मेरे खुदाया कभी न हो उससे जुदाई,

मेरा भाई, प्यारा भाई।


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