पगली
पगली
बादल गरज रहे हैं
कड़क रही है बिजली
बारिश में नहा रही
नाच नाच कर पगली
नाच रही है झूम रही है
हर डाली डाली
मन हर्षित हो उठा
चारों तरफ हरियाली
धरा की भी प्यास बुझे
जब काले मेघा बरसे
आया रे सावन का महीना
दिल थे कब से तरसे
सावन के महीने में
तीज और त्योहार हैं
सावन के महीने में
राखी वाला प्यार है।
